/newsnation-english/media/media_files/2026/01/15/sanatan-lifestyle-jalaj-kumar-youth-training-2026-01-15-17-51-52.jpeg)
सनातन लाइफ स्टाइल: जलज कुमार का 5-मॉड्यूल माइंड ट्रेनिंग—आधुनिक युवाओं के लिए व्यावहारिक संतुलन और स्पष्टता।
आज जब हम युवाओं में बढ़ते तनाव, अवसाद और निर्णय को लेकर असमंजस की बात करते हैं, तो अक्सर चर्चा नौकरी, प्रतिस्पर्धा या सिस्टम तक सीमित रह जाती है। लेकिन हाल ही में हुई एक बातचीत ने इस पूरे विषय को देखने का नजरिया थोड़ा बदल दिया।
“सनातन लाइफ स्टाइल फाउंडेशन” के काम और उसकी सोच को समझते हुए यह स्पष्ट होता है कि यह पहल युवाओं की समस्याओं को किसी प्रेरक भाषण या आध्यात्मिक फ्रेम में नहीं रखती, बल्कि उन्हें एक माइंड-स्किल की कमी के रूप में देखती है।
फाउंडेशन के संस्थापक जलज कुमार अनुपम से चर्चा के दौरान एक बात बार-बार सामने आई, आज के युवाओं के पास संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन भीतर की स्पष्टता और मन को संभालने की क्षमता कम होती जा रही है। इंजीनियरिंग और IIM की पृष्ठभूमि रखने वाले जलज पिछले चार वर्षो से इसी सवाल पर काम कर रहे हैं कि तेज होती जिंदगी में मन को कैसे स्थिर रखा जाए।जलज पिछले एक दशक से राष्ट्रीय मीडिया और विभिन्न मंचों पर भारतीय लोक-संस्कृति, भाषाई विरासत, क्षेत्रीय साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक-चेतना से जुड़े विषयों पर नियमित रूप से लिखते रहे हैं। उनके लेखों में आधुनिक समय और भारतीय परंपरा का एक संतुलित समन्वय दिखाई देता है।
उनके शब्दों में कहा जाए तो वे कहते हैं कि हमने बाहरी दुनिया को चलाने की तकनीक सीख ली है,पर अपने ही भीतर को चलाने की कला नहीं सीख सके हैं। कोविड के बाद उपजे अवासद को देखते हुए इसी विचार से “सनातन लाइफ स्टाइल फाउंडेशन” का जन्म हुआ। यह मंच किसी धार्मिक, आध्यात्मिक या प्रेरक मंच के रूप में नहीं, बल्कि एक माइंड स्कील ट्रेनिंग माॅडल के रूप में तैयार किया गया है। इसमें पाँच प्रमुख मॉड्यूल शामिल हैं जिसमें MindZen (मानसिक शोर व overthinking कम करना),
FocusFlow (ध्यान व निष्पादन),FearlessMe (आत्मविश्वास व अभिव्यक्ति), VisionForge (जीवन-दिशा व निर्णय),और Holistic360 (ऊर्जा व जीवन-संतुलन) है। इसके प्रशिक्षण का प्रारूप तीन दिन और छह घंटे का है, जिसका उद्देश्य शहरी जीवन की गति और समय-सीमा के अनुरूप एक व्यावहारिक ढाँचा प्रदान करना है।
जलज “सनातन” शब्द को उसके मूल संस्कृत अर्थ में ग्रहण करते हैं और कहते हैं कि जो कालातीत हो और हर युग में लागू पड़े।इस दृष्टि में ‘सनातन’ सिर्फ धार्मिक पहचान का ही सूचक नहीं, बल्कि जीवन विज्ञान का भी संकेत है।
जीवन में स्पष्टता , संयम, धैर्य, ध्यान, विवेक और संतुलन जैसी अवधारणाएँ मानव-जीवन की शाश्वत आवश्यकताएँ हैं।विशेष रूप से महानगरीय जीवन में यह पहल उल्लेखनीय महत्व रखती है। आज के शहर अवसरवान हैं, पर शांत नहीं,संसाधन सम्पन्न हैं, पर संतुलित नहीं हैं।सूचना अधिक है पर दिशा कम है,संपर्क अधिक है पर आत्मीयता कम है,प्रतिस्पर्धा अधिक है पर धैर्य कम है। युवाओं और पेशेवरों में तनाव, उलझन जैसी स्थितियाँ बढ़ रही हैं।शहरों में रहने वाला मन तेज़ है पर थका हुआ है।इसी संदर्भ में जलज मानते हैं कि आने वाले दशक में भारत की शिक्षा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सूचना-शिक्षा नहीं, मन-शिक्षा होगी।
वे कहते हैं कि तनाव-मुक्त और स्पष्ट युवा कोई विलासिता नहीं, राष्ट्र की क्षमता है। सनातन लाइफ स्टाइल के अंतर्गत प्रशिक्षण के साथ एक लाइफ स्टाइल क्लब, राष्ट्रवाक हिन्दी पत्रिका, पुस्तक-सीरीज़ और सदस्यता लाभ भी जोड़े गए हैं, अब यह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवित समुदाय और विचार-परंपरा का रूप ले रहा है।
/newsnation-english/media/agency_attachments/2024-07-23t155806234z-logo-webp.webp)
Follow Us